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अहमद बुखारी ने बयान दिया ,लोगों के गले नहीं रहा है उतर

नागरिता संशोधन एक्ट और एनआरसी को लेकर जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बड़ा बयान दिया है। सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि विरोध करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन प्रदर्शन के दौरान भावनाओं पर नियंत्रण करना जरूरी है। एएनआई के मुताबिक, जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआसरी) में अंतर है। आगे कहा कि सीएए जो एक कानून बन गया है दूसरा दूसरा एनआरसी, जिसे केवल घोषित किया गया है।य़ यह एक कानून नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी। लेकिन वहीं इसका भारत में रहने वाले मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं है। इस बात को भी उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लमानों का इस बिल से कोई लेना देना नहीं है।


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सरधना विधानसभा से ए आई एम आई एम के भावी प्रत्याशी हाजी आस मौहम्मद ने किया बड़ा ऐलान अब मुसलमान अपमानित नहीं होगा क्योंकि आ गई है उनकी पार्टी

खलील शाह/ साबिर सलमानी की रिपोर्ट  ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन की नेशनल पब्लिक स्कूल लश्कर गंज बाजार सरधना में आयोजित बैठक में भावी प्रत्याशी हाजी आस मौहम्मद ने कहा कि ए आई एम आई एम पार्टी सरधना विधानसभा क्षेत्र में शोषित,वंचित और मुसलमानों को उनके अधिकार दिलाने के लिए आई है। आज भी सरधना विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी साहब ने उत्तर प्रदेश के शोषित और वंचित समाज को इंसाफ दिलाने का बीड़ा उठाया है। ए आई एम आई एम पार्टी ने मुसलमानों को दरी बिछाने वाला से टिकट बांटने वाला बनाने का बीड़ा उठाया है। जिस प्रकार आज सपा के मंचों पर मुसलमानों को अपमानित किया जा रहा है उसका बदला ए आई एम आई एम को वोट देकर सत्ता में हिस्सेदारी लेकर लेना होगा। हाजी आस मोहम्मद ने कहा कि उनके भाई हाजी अमीरुद्दीन ने तमाम उम्र समाजवादी पार्टी को आगे बढ़ाने में गुजार दी और जब किसी बीमारी की वजह से उनका इंतकाल हुआ तो समाजवादी पार्टी का कोई नुमाइंदा भी उनके परिवार की खबर गिरी करने नहीं आया । आजादी से लेकर आज तक मुस्लिम समाज सेकुलर दलों को अपना वोट देता आ रहा है लेकिन उसके बदले मे